पृथ्वी को ‘माता’ (माँ) क्यों कहते हैं ?

गर्भ धारण करके माता अपने बच्चे का भार ढोती है l नौ महीने बाद बच्चे का जन्म होता है और जन्म होता है और जन्म दिन से ही पृथ्वी उस बच्चे का भर अपने ऊपर ले लेती है अर्थात प्रसव के बाद पृथ्वी पर ही बच्चे का पालन-पोषण, खेलना-कूदना, हंसना-रोना ...

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क्या कुत्तों की ‘दिव्य दृष्टि’ होती है ?

कुत्तों की दिव्य दृष्टि होने का तात्पर्य पहचान शक्ति से है l अगर आप अँधेरी रात में कहीं से आ रहे हैं l आप कुछ बोले या न बोलें, चुपचाप भी आ रहे हैं तो आपका कुत्ता आपको पहचान जाएगा लेकिन आपकी जगह कोई बाहरी व्यक्ति हो तो उसे भोंकने लगेगा ...

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भगवान का चरणामृत पिने के पीछे क्या कोई वैज्ञानिक रहस्य भी है ?

भगवान् का चरणामृत पाप का तो नाश करता ही है उसके साथ शरीर के अंदर जो रोग-व्याधियां है उनका भी नाश करता है l रोगों के कीटाणुओं को मारने की अद्भुद क्षमता चरणामृत में होती है क्योंकि पचगव्य (दूध, दही, घी, जल, तुलसी पत्र) से बनाए गए चरणामृत ...

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क्यों होती है मृत्यु ? मृत्यु होने क़े क्या कारण हैं ?

भौतिक तरंग और मानसिक तरंग की समानान्तरता क़े नष्ट होने से मृत्यु होती है l यह पूर्ण रूप से वैज्ञानिकता पर आधारित होती है भौतिक तरंग का तालमेल मानसिक रूप से टूट जाता है तब शरीर से प्राण निकल जाता है l साधारणतः मृत्यु होने क़े तीन कारण ...

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क्या विवाह के समय वर-कन्या का गठ बंधन (गठ जोड़) करना आवश्यक है ?

विवाह संस्कार का प्रतीक रूप गठ बंधन है l विवाह के समय या सात फेरे लेते समय वर के कंधे पर सफ़ेद दुपट्टा रखकर वधु की साडी के पल्लू से बांधा जाता है l यही गठ बंधन है जिसका अर्थ यह है की अब दोनों एक दुसरे से जीवन भर के लिए बंध गए l<a ...

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मंदिरों में घंटे क्यों लगाए जाते हैं ?

मंदिरों में घंटा लगे होने के अनेक कारण हैं I प्रथम तो घंटे की ध्वनि सुन कर लोग जान जाते हैं की मंदिर में प्रतिष्ठित देवी या देवता (जो भी हो) की आरती आरम्भ हो चुकी है I अतः जो आरती में सम्मिलित होने के उत्सुक हैं वे शीघ्रता से पहुचें और ...

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मकान बनवाने के बाद लोग रामायण पाठ, हवन आदि क्यों करवाते हैं ?

  गृह प्रवेश के समय पाठ या पूजन कराने से अनावश्यक गृह-दोष का निवारण हो जाता है और घर में लक्ष्मी का आगमन होता है I समस्त कुप्रभावों को नष्ट करने के लिए ही रामायण पाठ आदि कराते हैं जिससे घर में सदैव सुख-शांति और खुशहाली रहे I हवन ...

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देवी-देवताओं पर लोग पानी वाला नारियल क्यों चढ़ाते हैं ?

हिन्दू धर्म में नारियल का बहुत अधिक महत्त्व है I एक तो प्रसाद के रूप से शुद्ध अन्य कोई प्रसाद नहीं होता क्योकि इसका ऊपरी आवरण कठोर और बंद होता है I हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जल के स्पर्श से वस्तुएं शुद्ध होती है I जिससे नारियल ...

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विवाह में अग्नि की परिक्रमा करते समय वधू आगे रहती है, क्यों ?

स्वयं देवताओं ने नारी को प्रथम स्थान दिया है I मातृकायें (नारी वर्ग) सदैव अग्रपूज्य (आगे) रहती है I प्रमुख देवताओं के नामों का जप करते समय भी आप यहीं पाएंगे जैसे राधे-कृष्ण, सीताराम, गिरजाशंकर आदि I जब देवता नारी को अग्रणी मानते है तो ...

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